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UPSC Civil Services Prelims : IAS के प्रारंभिक Paper की परीक्षा की तैयारी !

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UPSC द्वारा सिविल सर्विस परीक्षा के प्रारंभिक चरण के पाठ्यक्रम एवं रुपरेखा मे पुछे जाने वाले सवालो की प्रवर्ति एवं उनके अंक भारो को लेकर कई तरह के बदलाव किये हैं जिसके करण उम्मीद्वार को अपनी परीक्षा से जुडी रणनीती एवं परीक्षा की तैयारी करने के तरिके मे बदलाव करने की आवश्यक्ता होगी।


UPSC Civil Services Prelims : IAS के प्रारंभिक Paper की परीक्षा की तैयारी :-

कभी कभी  उम्मीद्वारो को यह लगने लगता है की प्रारंभिक चरण की परीक्षा तथ्यों एवं आकड़ो पर आधारित परिक्षण है, बदले गए पाठ्यक्रम का सम्बंध इस बात से तोकतयी नहीं हैं यह पूर्ण रूप से उम्मीद्वार के मन का भ्रम होता है। इस परीक्षा की तैयारी करने के लिए उचित कार्य योजना की आवश्यकता होगी जिसमे उम्मीद्वार के कई आवश्यक गुणों का परिक्षण किया जायेगा जिसमे है, उम्मीद्वार की अवधारण शक्ति, अवधारणाओं की स्पष्टता एवं सही विकल्पो की पहचान करने की क्षमता।

यह परीक्षा पूर्ण रुप से उम्मीद्वार द्वारा जल्दी से निर्णय लेने एवं दिए गए विकल्पों मे से सही उत्तर का विकल्प पहचाने की क्षमता को लेकर है। शुद्धता एवं तेज गति इस परीक्षा को उत्त्रीण करने की कुँजी है। उम्मीद्वार को परीक्षा के वक़्त पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा।

प्रारंभिक परीक्षा मे उम्मीद्वार को 100 प्रश्नों के उत्तर 120 मिनट मे देने होते है जिसमें एक प्रश्न के उत्तर लिखने के लिए उम्मीद्वार को मात्र 40 सेकण्डस ही मिलते हैं।

जैसा की हम जानते है प्राम्भिक परीक्षा एक बहुविकल्पी उत्तर परीक्षा है जिसकी तैयारी अच्छे से करने के लिए उम्मीद्वार की रणनीती उतनी ही मजबूत होनी चाहिए। प्रांरम्भिक चरण की परीक्षा मे लाखों उम्मीद्वारो की बीच प्रतिस्पर्द्धा होती हैं जिसमे उम्मीद्वारों को यह ध्यान रखना आवश्यक हैं होता है प्राम्भिक परीक्षा एक Elimination Round परीक्षा है।

परीक्षा की तैयारी करते समय उम्मीद्वार को इस बात पर भी ध्यान देना होगा की बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तरों मे बाकी विकल्पों को छोड़कर सिर्फ सही उत्तर को पहचानना एवं सही उत्तर को चुनना। प्रारंभिक चरण की परीक्षा मे उम्मीद्वारमें, प्रश्न पत्र में दिए गए 4 विकल्पों मे से सही उत्तर को पहचानने की योग्यता की जरुरत होती है। यह प्रक्रिया केवल Elimination Round के तहत अंजाम दी जाती है।

प्रारंभिक चरण की परीक्षा की तैयारी करने के लिए सबसे अच्छा रास्ता तो यह है की बीते वर्षो के प्रश्न पत्रों एवं मॉडल पेपर्स को अच्छे से हल करें। कोशिश यह करे की जितने ज्यादा प्रश्नपत्र हल हो पाए उतने ज्यादा हल करे। पाठ्यक्रम के प्रत्येक भाग के दौरान एक मॉक टेस्ट जरूर दे। सामान्य ज्ञान एवं वर्तमान मुद्दे के बारे मे पढ़ने से भी उचित विकल्प को पहचानने मे आसानी रहती है।

परीक्षा मे सिर्फ सही उत्तर पहचानना ही सब कुछ नहीं होता बल्कि उसे उत्तरपुस्तिका मे सही तरिके से लिखना और प्रदर्शित करना भी बहूत जरुरी होता हैं। अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए उम्मीद्वार को आवश्यकता है की मॉडल प्रश्नपत्र को प्रत्येक दिन निय नियमित रूप से हल किया जाये।

प्रारम्भिक चरण की परीक्षा मे उम्मीद्वार को यह भी जानना आवश्यक होता हैं की यह एक Negative मार्किंग परीक्षा भी है जिसमे अनुमान पर आधारित उत्तर देने के लिए पूरी तरह से अपने आप का मार्गदर्शन अच्छे से करना होता है। प्राम्भिक चरण की परीक्षा मे +2 कक्षा पर आधारित पाठ्यक्रम से सवाल पूछे जाते  है। जिसमे उम्मीदवार को माध्यमिक स्तर की किताबो को पढ़ना बेहद आवश्यक हैं।

परीक्षा की तैयारी करने के दौरन उम्मीदवार को अपने Concepts  को अच्छे से Clear करने की कोशिश करनी चाहिए जिससे विकल्पों मे से गलत उत्तर को हटा कर जो सही उत्तर है उसे पहचाना जा सके।

उम्मीद्वार द्वारा किसी टॉपिक के concept को उसके मूल गुण एवं निर्गुण के साथ समझने की लिए जरुरी है, की उम्मीदवार उस टॉपिक से मेल खाते टॉपिक्स का साथ-साथ विश्लेषण करे एवं उसके आस पास होने वाली घटनाओं से भी सम्बंधित जानकारी जुटाए । विषय एवं उनसे जुडी अवधारणाओं को समझने के लिए जरुरी है किसी दूसरे topic के Concept, वर्तमान घटनाओं के बीच सम्बंद स्थापित करना।

यह प्राम्भिक परीक्षा का आयोजन करने के पीछे मुख्य करण है, उम्मीद्वार की तेज़ बुद्धि एवं सामान्य अवधारण क्षमता का पता लगाना। उम्मीदवार को ऐसे तरीके एवं नीतियों को अपनाना चाहिए जिससे दीमागी क्षमता का विकास हो।

पुरे दिन के समय मे एक समय ऐसा निर्धारित होना चाहिए जिसके अंदर उम्मीद्वार ने पुरे दिन मे जो पढ़ा है उसे दोबारा से पढ़ा और याद जा सके। अपनी तैयारी को आंकने के लिए प्रतिदिन Mock टेस्ट देना एवं रोजाना अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।

प्रारंभिक चरण की परीक्षा एक ऐसी परीक्षा है जिसमे उम्मीद्वार को धर्य से काम लेना होता है। जिसमे उम्मीद्वार को जरुरत है, परीक्षा की आवश्यकता के अनुसार मानसिक रूप से स्वयं को तैयार करने की।

परीक्षा की तैयारी के साथ साथ, परीक्षा मे बेहतर तरीके से सफलता पाने के लिए यह जरूरी है की उम्मीद्वार के पास Positive Attitude और अत्यधिक मात्रा मे जितने की इच्छा शक्ति हो।


UPSC की प्राम्भिक परीक्षा की तैयारी करते समय कुछ ऐसे कार्य जो उम्मीद्वार द्वारा किये जाने चाहिए वह निम्न है :-

  • तैयारी के आखीरी चरण मे स्वयं को परखने के लिए मॉडल टेस्ट पेपर्स को पढ़कर शुरुआत करें।
  • प्रारंभिक तोर पर अगर कम अंक आते है तो परेशान न हो।
  • अपनी कमियों को दूर करने के लिए कठीन मेहनत करे।
  • अपने आप को नियमित रूप से जाँचते रहे।
  • प्रतिदिन जो आज आपने पढ़ा है उसके नोट्स तैयार करते रहे एवं उनके भी जिनको अभी पढ़ना बाकी है।
  • अपनी प्रतिक्रया भार का विश्लेषण करे।
  • अलग अलग जगह से एक टॉपिक के बारे मे पढ़ते वक़्त उस टॉपिक को ज्यादा न बढ़ाये।
  • स्वयं द्वारा लिखित अपने नोट्स को नियमित रूप से पढ़ते रहे।
  • एक ही प्रश्न से चिपके न रहे,  मौजूद सभी प्रश्नो को भी पढ़ते रहे।
  • सरल प्रश्नो के उत्तर पहले दें एवं कठिन प्रशनो के उत्तर उनके बाद।
  • नेगेटिव मार्किंग होने के कारण सिर्फ वही प्रश्न हल करे जिनके उत्तर आपको अच्छे से आते हो।
  • परीक्षा की तैयारी अच्छे से करने के लिए एक तनाव रहित मस्तिष्क अत्यन्त महत्वपुर्ण होता है। तैयारी के दौरान छोटा सा अंतराल आपको इसमें मदद कर सकता है।

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