ias mains preparation tips in hindi

IAS Mains परीक्षा को पास करने के लिए कुछ महत्वपुर्ण टिप्स

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एक अच्छी रणनीति एवं समय का सही उपयोग करके ही उम्मीद्वार IAS की मुख्य परीक्षा की सही तरीके से तैयारी कर सकता है। उम्मीद्वार स्वयं अपनी रणनीती तैयार करें जिसे उम्मीद्वार स्वयं अच्छे से वहन कर सके। अभ्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए IAS परीक्षा से सही तरह से निपटने एवं परीक्षा मे सफलता पाने के लिए कुछ महत्वपुर्ण टिप्स।


IAS Exam की तैयारी के लिए रणनीति :-

IAS परीक्षा की रणनीति बनाने के लिए सबसे पहले परीक्षा के पाठ्यक्रम एवं पुराने प्रश्नपत्रों को पढ़ना बेहद जरुरी हैं :-

सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करने मे यह भाग महत्वपुर्ण भुमिका निभाता है। जिसमें उम्मीद्वार को अपने समय को परीक्षा के पाठ्यक्र्म को समझने एवं पुराने प्रश्नपत्रों को हल करने मे लगाना चाहिये। इस तरह से परीक्षा पाठ्यक्रमों को पढ़ने एवं पुराने प्रश्नपत्रों को हल करने से उम्मीद्वारो की 2 मुश्किलें आसान हो जाती है।

  • जिनमे पहली मुश्किल यह होती की पाठ्यक्रम के वे कोनसे भाग है जहा से नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते है।
  • दूसरी समस्या यह सामने आती है की परीक्षा के प्रश्न पत्र मे, प्रश्न किस प्रवर्ति के पूछे जाते  है।

उम्मीद्वारो की यह दोनों समस्याए परीक्षा के पाठ्यक्रम को अच्छे से पढ़ने एवं पुराने प्रश्न पत्र हल करने से खत्म हो जाती है।

परीक्षा के पाठ्यक्रम को पढ़ने एवं पुराने प्रश्नों को हल करने से उम्मीद्वार मुख्य परीक्षा की तैयारी करने मे स्वयं का बेहतर तरीके से मार्गदर्शन कर सकते है।

उम्मीद्वार ध्यान से प्रश्न पत्र को पढ़े एवं उसकी रुपरेखा को पहचानने की कोशिश करें एवं ऐसे टॉपिक्स को बार बार पढ़े, जिनके बारे मे नियमित रूप से पूछा जाता हो।

ऐसे टॉपिक्स की पहचान करे जिनके बारे में पारम्परिक रूप से निबंद एवं एनालिटिकल क्षमता पर आधारित प्रश्न पुछे जाते हो और जिन्हे हल करने के लिए तथ्यों एवं आकड़ो की आवश्यकता पड़ती हों।

जब उमीदवार सही तरीके से हर टॉपिक एवं उसकी महत्वता को समझ लेता है तो उसकी तैयारी सही दिशा मे सफलता की ओर अग्रसर होने लगती हैं।


IAS Mains परीक्षा के लिए मार्गदर्शन :-

उम्मीद्वारों को सलाह दी जाती है की 1-2 ज्यादा किताबे न पढ़े। सिर्फ वहीं किताबे  ख़रीदे जो आपको प्रत्येक टॉपिक की अच्छी तरह से एवं बुनियादी जानकारी दे सके।

अच्छी किताबे न सिर्फ आपका समय बचाती है बल्कि आपको सही ज्ञान भी प्रदान कराती है। अपना समय बचाने के लिए सिर्फ अच्छी किताबे ही पढ़े, ज्यादा किताबे न खरीदें।

परीक्षा की तैयारी के आखरी चरण मे अपना समय बचाने एवं टॉपिक्स मे अच्छी पकड़ के लिए कुछ और अतिरिक्त किताबे भी खरीद सकते है जिसमे प्रत्येक टॉपिक का वर्णन संक्षेप मे हो।


IAS Mains परीक्षा की रणनीति :-

उम्मीद्वारों को हमेशा यह सलाह दी जाती है की वह जिस भी टॉपिक को पढ़ रहे हो  या पढ़ चुके हो तो उससे सम्बंधित नोट्स उम्मीद्वार को अच्छे से तैयार करने चाहिये। नोट्स बनाने के लिए उस विषय से सम्बंधित किताबो एवं पाठ्यक्रम की सामग्री का ही उपयोग करना चहिये।

अच्छे तरीके से लिखे हुए नोट्स, उम्मीद्वार को परीक्षा की तैयारी करने मे आ रही कई तरह की परेशानियों को दूर कर सकते हैं।

जैसे उम्मीद्वार अपने नोट्स पुरे पाठ्यक्रम को पढ़कर उसके अनुसार बनाता है जिससे उम्मीद्वार को पुरे पाठ्यक्रम का सम्पूर्ण ज्ञान हो जाता है। एवं उम्मीद्वार द्वारा बनाये गए नोट्स उसे दोबारा से पाठ्यक्रम को कम समय मे पढ़ने मे भी मदद करते है।

उम्मीद्वार को कुछ ऐसे महत्वपुर्ण टॉपिक्स के शॉर्ट नोट्स तैयार करने चाहिए जिनके साथ-साथ बाकी पाठ्यक्रम के टॉपिक्स भी संबंध रखते हो ऐसा करने से उम्मीद्वार की परीक्षा से जुडी तैयारी और भी बेहतर हो जाती है।

अकेले मे स्वयं के बनाये नोट्स को प्रतिदिन पढ़े जिससे परीक्षा की तैयारी करने मे स्वयं को अत्यधिक मदद मिलेगी।


UPSC IAS Mains परीक्षा के लिए मार्गदर्शन :-

UPSC की मुख्य परीक्षा एक लिखित परीक्षा होती है जिसमे उम्मीद्वार द्वारा प्रश्नपत्र मे पुछे गए प्रशनो के उत्तर को उत्तरपुस्तिका मे लिखना होता है। जिसमे कुछ बातों का ध्यान उम्मीद्वारों को रखना होता है जो निम्न है

  • उम्मीद्वार को अपनी प्रश्नों के उत्तर लिखने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।
  • प्रश्नपत्र मे पूछे जा रहे प्रश्नो का उत्तर एक तय शब्द सीमा मे उत्तर पुस्तिका मे लिखना होता है। उत्तरपुस्तिका उम्मीद्वार को मुख्य परीक्षा मे प्रदान की जाती है।
  •  प्रश्नों को हल करने के लिए उत्तर कितने शब्दो मे पूछा जा रहा है उस बात का भी ध्यान रखना आवश्यक होता है।
  • उत्तर को सही शब्दो मे लिखने की आदत एक ऐसी आदत है जिसे उम्मीद्वार को अपने अंदर विकसित करनी होती है।
  • उम्मीद्वार को यह भी ध्यान रखना बहूत जरुरी है की प्रश्न के उत्तर को उत्तर  पुस्तिका मे तय शब्द सीमा से ज्यादा शब्दो मे न लिखा जाये।
  • जब उम्मीद्वार उत्तर लिखने का अभ्यास कर रहे हो तो उन्हें अपने लिखने के प्रत्येक पहलुओं पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
  • उम्मीद्वार अपने उत्तर लिखने के अभ्यास को इस तरह से करे की, जब परीक्षक उस उत्तर को पढ़ने या समझने की कोशिश करें तो परीक्षक किसी तरह की कठिनाईयो का सामना न करना पडे।
  • उत्तर को अच्छे तरीक़े से लिखने के लिए उम्मीद्वार को व्याकरण एवं शब्दो के अच्छे ज्ञान और समझ की जरुरत है ।
  • उम्मीद्वार को इस बात का भी पूर्ण रूप से ध्यान रखना होगा की उसके द्वारा लिखे गए प्रश्नो के उत्तर त्रुटि रहित हों एवं परीक्षक के समझ मे भी आसानी से आ जायें।

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